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Popular types of body massages and their advantages – बेहतरीन बॉडी मसाज तथा उनके फायदे

शरीर को सुकून देने के सबके तरीके अलग अलग होते हैं। इसके लिए कुछ लोग अकेले समय अकेले समय बिताना पसंद करते हैं, कुछ लोग गर्म पानी से नहाकर आराम महसूस करते हैं, कोई स्पा (spa) जाता है तो कोई अपना समय सोकर बिताना पसंद करता है। एक पूरे हफ्ते की थकान के बाद इन सबसे अच्छे तरीके से जो चीज़ आपको सुकून प्रदान करती है, वह है शरीर की एक अच्छी मसाज (massage)। यह आपके शरीर को स्वस्थ तथा कार्यशील बनाए रखता है। इस लेख में कुछ खास मसाज की तकनीकों के बारे में बताते हुए उनके फायदों का भी ज़िक्र किया गया है।

 

थाई मसाज (Thai Massage)

 

जिन लोगों को मसाज का ज़्यादा ज्ञान नहीं है, उनके लिए हर तरीका ही सुकून पाने का एक स्त्रोत होता है। थाई मसाज बाकियों से काफी अलग होता है। यह शरीर को सुकून देने वाला तथा काफी प्रभावशाली है, अतः इसे थाई योग मसाज भी कहा जाता है। आमतौर पर थेरपिस्ट्स (therapists) आपके शरीर को योग की मुद्रा में लाने के लिए अपने हाथ, पैर तथा घुटनों का प्रयोग करते थे। थाई मसाज भी योग करने के ही समान है, सिर्फ अंतर इतना है कि आप इसे खुद नहीं करते। जोड़ों को खोलने के लिए योगासन किये जाते हैं। ये मांसपेशियों की पीड़ा को दूर करता है तथा शरीर को ठीक करने की प्रक्रिया की शुरुआत करता है। यह एक्यूप्रेशर (accupressure) का प्रयोग करता है और इसे सही रूप से किया जाना काफी आवश्यक है। इस मसाज में तेल की आवश्यकता नहीं होती तथा यह ज़मीन पर चटाई के ऊपर किया जाता है।

फायदे (Advantages)

  •  थाई मसाज मांसपेशियों को ढीला करता है तथा जोड़ों को भी आराम देता है।
  •  यह आपके तनाव को दूर करता है।
  •  यह आपके रक्त संचार को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है।
  •  यह शरीर को शक्ति प्रदान करता है तथा इसे काफी लोचदार भी बनाता है।

स्वीडिश मसाज (Swedish Massage)

 

 

यह एक बेहतरीन मसाज है, जिसका प्रयोग सभी करना चाहते हैं। यह मसाज आपको काफी ऊर्जा तथा सुकून प्रदान करता है। थाई मसाज के विपरीत स्वीडिश मसाज में 5 तकनीकें होती हैं, स्ट्रोकिंग एंड ग्लाइडिंग (stroking and gliding), स्ट्रोकिंग एंड ग्लाइडिंग, नीडिंग एंड शेकिंग (kneading and shaking) । इसके अंतर्गत ज़्यादातर मसाज तब की जाती है, जब एक व्यक्ति पेट या पीठ के बल लेटा हुआ होता है। इसमें स्ट्रेचिंग (stretching) तथा योग की मुद्राओं की तरह काफी कम परिश्रम करना होता है। आपकी मांसपेशियों को ग्लाइडिंग स्ट्रोक्स (gliding strokes) की मदद से आपके दिल की तरफ रगड़ा जाता है। इससे आपके शरीर का तनाव कम होता है तथा इसे शांति मिलती है। स्वीडिश मसाज हमेशा तेल पर आधारित रहा है और यह आपकी त्वचा की गुणवत्ता के आधार पर किसी भी एसेंशियल ऑइल (essential oil) की मदद से किया जा सकता है। इस मसाज के बाद स्टीम बाथ (steam bath) होता है, जिससे शरीर की सारी चिकनाई दूर हो जाती है तथा आप काफी तरोताज़ा महसूस करते हैं।

फायदे (Advantages)

  • आपके रक्त को ऑक्सीजन (oxygen) का एक नया स्तर प्राप्त होता है।
  •  यह मांसपेशियों से विषैले तत्वों को दूर करने में सहायता करता है।
  •  रक्त संचार को सुचारू करता है।
  •  तनाव के स्तर को कम करता है।

डीप टिश्यू मसाज (Deep Tissue Massage)

 

 

अपने नाम के अनुसार ही मसाज का यह प्रकार आपकी मांसपेशियों के अंदरूनी भाग पर ध्यान केंद्रित करता है, तथा मांसपेशियों की गांठों तथा अकड़ को दूर करने में काफी हद तक सहायक सिद्ध होता है। कोहनी, मुक्के या नकल्स (knuckles) की मदद से नीडिंग (kneading) की तकनीक का पालन करने से आपकी मांसपेशियों में काफी प्रभावी रूप से दबाव पड़ेगा। इससे आपको मांसपेशियों के ग्रेन (grain) के साथ ही घर्षण (friction) का अहसास होगा। इसके फलस्वरुप आपकी मांसपेशियों का फाइबर (fiber) ढीला पड़ता है, टोक्सिन (toxin) निकलते हैं तथा अंदरूनी दबाव से मांसपेशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह मसाज आपकी त्वचा पर दर्द निवारक तेल (pain-relieving oil) के प्रयोग या अरोमाथेरपी (aromatherapy) की मदद से किया जाता है। डीप टिश्यू मसाज के बाद काफी ज़्यादा पानी पियें, क्योंकि यह शरीर से टॉक्सिन्स (toxins) निकालता है।

फायदे (Advantages)

  •  यह गले की अकड़, कन्धों की सूजन तथा कमर के नीचे के दर्द को दूर करता है।
  •  यह मांसपेशियों को सुकून प्रदान करता है।
  •  यह दर्द को दूर करता है तथा आपके तनाव के स्तर में कमी लाता है।

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  •  यह रक्तचाप (blood pressure) के स्तर को भी कम करता है।

शियात्सु (Shiatsu)

 

ज़्यादातर स्पा और मसाज सेंटर (massage center) मसाज के इस तरीके से अनजान होते हैं, पर यह शरीर को सुकून देने की सबसे बेहतरीन विधियों में से एक है। इसके अंतर्गत उँगलियों के दबाव का प्रयोग किया जाता है और विशेषज्ञ इसकी तुलना एक्यूप्रेशर (acupressure) से भी करते हैं। मसाज की यह तकनीक आपके शरीर के दबाव के अंगों के अलावा भी कार्य करती है, क्योंकि इसमें स्ट्रेचिंग, ब्रीथिंग (stretching, breathing) आदि तरीकों को भी शामिल किया जाता है। आपके शरीर के अन्य माध्यमों के साथ आपकी ऊर्जा भी चारों तरफ फैलती है। यह पद्दति उन लोगों के लिए काफी कारगर साबित होती है जो रात में नींद ना आने के शिकार होते हैं और जो जोड़ों की सूजन, तनाव तथा सिरदर्द से परेशान हैं। ये शरीर के वो भाग हैं जहां आपके शरीर की ऊर्जा रूक सी जाती है। अतः जब ऊर्जा दोबारा से शरीर में बहना शुरू करती है तो ये भाग बिलकुल ठीक हो जाते हैं।

फायदे (Advantages)

  • इसमें सकारात्मक ऊर्जा अच्छे से फ़ैल सकती है।
  • यह आपको अच्छी नींद सोने में मदद करती है।
  • यह मांसपेशियों के दर्द तथा चोटों को ठीक करती है।
  • प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (premenstrual syndrome) को ठीक करे।
  • तनाव को कम करे।

आयुर्वेदिक मसाज (Ayurvedic Massage)

यह किसी भी अन्य आयुर्वेदिक उपचारों की तरह है जिसे हिन्दुओंं द्वारा सदियों से अपनाया जाता रहा है। आजकल इस तकनीक का इस्तेमाल स्पा (spa) एवं मसाज पार्लर्स (massage parlors) में काफी किया जाता है। इसमें आपके शरीर की मालिश गर्म तेल से करके आपको सुकून प्रदान किया जाता है। यह तनाव कम करने में आपकी मदद करता है तथा शरीर और मस्तिष्क की अशुद्धियों को बाहर निकालता है। यह आपकी त्वचा को नयी जान देने एवं आपको थकान से दूर रखने के लिए भी जाना जाता है। यह आपके चेहरे और त्वचा को पोषण प्रदान करता है।

हॉट स्टोन मसाज (Hot Stone Massage)

यह एक ख़ास तरह का मसाज है जिसमें गोल और नर्म पत्थरों का प्रयोग किया जाता है। इन पत्थरों को आग में गर्म किया जाता है तथा हमारे पीठ के चुनिन्दा भागों में रखा जाता है। ये सूजी हुई तथा थकी हुई मांसपेशियों को ठीक करने में काफी कारगर साबित होते हैं। इन पत्थरों से निकलने वाली गर्मी आपकी मांसपेशियों को काफी सुकून प्रदान करती है और अकडन को पूरी तरह से दूर करती है।

लोमी लोमी मसाज (Lomi Lomi Massage)

यह शरीर की मसाज करने का अनोखा तरीका है और इसकी शुरुआत प्राचीन काल में पोलीनेसियंस (Polynesians) द्वारा की गयी थी। मसाज की इस विधि को लविंग हैंड्स मसाज (loving hands massage) भी कहा जाता है। इस विधि के अंतर्गत थेरपिस्ट (therapist) मांसपेशियों पर धीरे धीरे हाथ फिराते हैं और उन्हें एक उच्च आध्यात्मिक स्तर पर तथा प्यार से इस मसाज को अंजाम देना होता है। इस तरह के प्यार के स्पर्श से शरीर को सुकून मिलता है तथा यह तनाव से मुक्त होता है।

रिफ्लेक्सोलॉजी (Reflexology)

यह शरीर की मसाज करने का एक अनोखा तरीका है। यह मस्तिष्क के तनाव को कम करता है तथा नर्वस सिस्टम (nervous system) को सुकून प्रदान करता है।  इस तकनीक में ख़ास रिफ्लेक्स (reflex) अंगों पर दबाव डाला जाता है। ये भाग हैं पैर, हाथ और कान। इस तरह की मसाज से आपको कई तरह की समस्याओं जैसे ह्रदय सम्बन्धी बीमारियां, सिरदर्द, किडनी (kidney) की समस्या, मधुमेह और बेचैनी से छुटकारा प्राप्त होता है।

स्पोर्ट्स मसाज (Sports Massage)

यह स्वीडिश मसाज और शियात्सु मसाज (Swedish Massage and Shiatsu Massage) का मिश्रण है। यह तकनीक आपके शरीर के कुछ ख़ास भागों की तरफ ध्यान केंद्रित करती है। यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए खासतौर पर निर्मित की गयी है जो शारीरिक रूप से काफी क्रियाशील हैं, जैसे एथलीट्स (athletes), नर्तक तथा खिलाड़ी। इसकी मदद से ना सिर्फ वे चोटों से बचे रहते हैं बल्कि उन्हें इसे ठीक करने में भी काफी मदद मिलती है।

ट्रिगर पॉइंट मसाज (Trigger Point Massage)

मसाज की इस विधि के अंतर्गत सिर्फ आपके शरीर के ट्रिगर पॉइंट्स पर मालिश की जाती है। ये कुछ ख़ास भाग हैं जो आमतौर पर आपकी पीठ, कंधे तथा पृष्ठ भाग होते हैं। थेरपिस्ट इन ट्रिगर भागों पर गहरा दबाव डालता है और फिर तनाव को दूर करता है। यह आपकी मांसपेशियों को सुकून देकर उनमें नयी जान भरता है।

 

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