Home Cold Cough Home Remedies For cold|

 

कुछ लाभकारी प्रयोग| Home Remedies For cold|
cold

आम तौर पर ज़ुकाम को एक मामूली बीमारी समझ कर इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। लेकिन ज़ुकाम को मामूली समझना ही सबसे बड़ी ग़लती साबित हो सकती है । सेहत भगवान की देन है और उस की तरफ़ से लापरवाही बरतने का बहुत बड़ा ख़मयाज़ा भुगतना पड़ता है ।

पुराने बुज़ुर्गों का कहना है कि छींक का आना ज़ुकाम का होना इस बात की पहचान है कि आप सेहत मंद हैं। लेकिन सेहत मंद होने के ग़रूर में बेफिक्र होकर अगर लापरवाही बरती जाए तो यही ज़ुकाम निमोनिया और डबल निमोनिया में तबदील होकर हमारी जान ले लेता है ।

आप जीरे का इस्तेमाल सब्ज़ी में तड़का लगाने और चावल बनाने में करते हैं ताकि खाने का स्वाद बढ़ जाए और महक भी आए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जीरे में कई औषधीय गुण भी हैं। ज़ुकाम के दौरान जीरे का इस्तेमाल आपको सेकंड्स में बंद और बहते नाक से आराम दिला सकता है। आइए जान लेते हैं कि जीरे का इस्तेमाल कैसे जुकाम से निजात दिला सकता है।
दरअसल, इस छोटे से जीरे में न सिर्फ ज़ुकाम और सिर दर्द भगाने के गुण हैं, बल्कि यह फंगस और बैक्टीरिया से भी लड़ता है। जीरा इन्फेक्शन्स से भी बचाता है और इससे आपका इम्यून सिस्टम भी स्ट्रॉन्ग रहता है। जीरे में विटामिन ए और विटामिन सी भी हैं। ये सर्दी-ज़ुकाम से बचाते हैं।

जानिए कि जीरे को किस रूप में खाना चाहिए, जिससे आपका ज़ुकाम चुटकी में दूर हो जाए…

दो कप पानी में एक चम्मच जीरा डालकर उबालें। जब पानी उबल जाए, तो उसमें पिसी हुई अदरक और तुलसी डालकर फिर से उबालें, ताकि इस पानी में इन्फेक्शन्स से लड़ने की ताकत आ जाए। इस पानी को छाने और फिर इसे धीरे-धीरे पिएं।
पानी में जीरा उबालकर भाप भी ले सकते हैं। इसमें थोड़ी लौंग मिला लें। इससे आपकी बंद नाक खुल जाएगी और ज़ुकाम से राहत मिलेगी। ध्यान रहे कि भाप लेने के बाद थोड़ी देर अपना सिर और छाती चादर से ज़रूर ढक लें।
अगर आपको ज़ुकाम के साथ ठंड भी लग रही है, तो रात में गर्म दूध में थोड़ी हल्दी डालकर पिएं। इससे आपको ज़ुकाम के साथ-साथ खांसी से भी राहत मिलेगी।

हल्दी गर्म होती है, यह शरीर को इंफेक्शन्स से लड़ने की ताकत देती है, दर्द कम करने और घाव को भरने में भी सहायक होती है।
दूध में कैल्शियम और विटामिन डी होता है, जो आपकी हड्डियां मज़बूत रखने के साथ शरीर में बीमारियों से लड़ने की ताकत भी पैदा करता है।

दिन में एक गिलास से ज़्यादा न पिएं और इसे आदत न बनाएं, वरना बलगम की दिक्कत हो सकती है। एक गिलास दूध में आधी छोटी चम्मच हल्दी ही काफी है।
ज़ुकाम या सर्दी लगने पर नींबू, दालचीनी और शहद तीनों को मिलाकर सिरप बनाएं। इसे पीने से आप जल्दी ठीक हो जाएंगे

बनाने की विधि……..

एक पैन (चाय बनाने का बर्तन) में शहद डालकर तब तक उबालें, जब तक कि शहद पतला न हो जाए। उसके बाद इसमें दालचीनी और नींबू मिलाएं। अब यह सिरप तैयार है।

शहद गर्म होता है और इसमें एंटीऑसीडेंट्स होते हैं, जो हमारे इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग करते हैं।

नींबू में विटामिन सी होता है, जो ज़ुकाम ठीक करने में मददगार होता है।

दालचीनी ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कंट्रोल में रखता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है।

ज़ुकाम, सर्दी और खांसी से बचने के लिए आप रोज़ सुबह खाली पेट आंवला खाएं। इससे आपको किसी भी सीज़न में होने वाली बीमारियों से राहत मिलेगी। आंवला आपके लिवर और ब्लड सर्कुलेशन को भी सही रखता है। दरअसल, आंवला विटामिन सी का स्रोत है और ज़ुकाम दूर भगाने के लिए विटामिन सी लाभकारी होता है। इसे आप किसी भी रूप में खा सकते हैं। चाहे आप बाज़ार से आंवला कैंडी खरीद लें, चाहे तो आंवला रस की बोतल या फिर मुरब्बा और अगर आपके पास समय है, तो आप घर पर ही आंवले का ताज़ा जूस निकाल सकते हैं। हर रोज़ 4-5 आंवला कैंडी या फिर एक चौथाई कप आंवला रस सुबह उठकर खाली पेट पी सकते हैं। हर रोज़ सुबह दूध के एक गिलास के साथ एक मुरब्बा भी बहुत फायदा देगा।

एक पैन(चाय बनाने का बर्तन) में अलसी के बीज को तब तक उबालें, जब तक बीज पतला और सूख न जाए। अब बीज में कुछ बूंदे नींबू के जूस और शहद की मिलाएं। इस मिश्रण को रोज सोने से पहले पिएं। आपको ज़ुकाम और सर्दी से राहत मिलेगी। इसमें बहुत सारे विटामिन्स होते हैं। इसे सुबह एक मुट्ठी खाली पेट खाने से आप दिनभर एनर्जेटिक फील करेंगे। अलसी में एंटी-एजिंग गुण भी हैं, जो आपके चेहरे से झुर्रियां मिटाते हैं। इसके अलावा यह हड्डियों को मज़बूत करने में भी कारगर है। यह हर उम्र के लोगों के लिए है।

कुछ स्वास्थवर्धक लाभकारी प्रयोग
(1).पुराने नजले में लाभकारी प्रयोग
उपाय :- भुने हुए चने छिलका उतरा हुआ का आटा बीस ग्राम , मलाई अथवा रबड़ी बीस ग्राम , थोड़े से शहद में मिलाकर अब उसमे चार बुँदे अमृतधारा (असली )मिला ले | यह एक खुराक हो गई |
अब कुछ दिनों रात में खाने से पुराने से पुराने नजले में लाभ पहुंचता हें |
( कोलेस्ट्रोल व हार्ट पेशेंट इस प्रयोग को न करे ) ( जिसको अमृतधारा अलर्जी करे वह प्रयोग न करे |)
( असली देहरादूनी अमृतधारा जो आयुरवदिक दवा की दूकान में मिलती हें | )
(2) गला बैठना खुल जाए प्रयोग
उपाय :- एक चुटकी मुलहठी का चूर्ण लेकर उसमे शहद मिलाकर अब इसे चाट ले | दिन में
दो-चार मात्रा खुराक लेने से ही आवाज का स्पीकर खुल जायेगा यानी गला खुल जायेगा |
(3) सर्दी -जुकाम में बेठा हुआ गला साफ़ हो प्रयोग
उपाय :- रात को सोते समय ११- १२ दाने काली मिर्च को बताशों के साथ चबा-चबाकर खाये | उपर से कुछ न पीये फिर तत्पश्चात गरम चादर ओढकर सो जाए | सर्दी – जुकाम के कारण बैठा हुआ गला साफ़ हो जाता हें |
( नोट :- एसिडिटी के मरीज इस प्रयोग को न करे )
(4).पुरानी खांसी निवारक लघु प्रयोग
उपाय :- अदरक का ताज़ा रस one tea-spoon , पांच -छ : काली मिर्च का पाउडर , तथा शुद्ध शहद ढेड tea spoon | यह एक मात्रा हें | इन्हें एक साथ चाटने से पुरानी खांसी ठीक होने लगती हें |
(5) जमा हुआ कफ निकले प्रयोग
उपाय :- मुलहठी, काली मिर्च और बूरा अथवा गुड़ ( कोई एक ) | इन तीनो को बराबर मात्रा में लेकर पानी के साथ पीसकर ( मटर के दानों आकार के बराबर ) कई गोलियां बना ले | इन्हें चूसने से जमा हुआ कफ निकल जाता हें |

कुछ पीड़ा निवारक व लाभकारी प्रयोग :—-

बच्चों का पेट दर्द होने पर अदरक का रस, पांच ग्राम तुलसी पत्र घोटकर, औटाकर बच्चों को तीन बार पिलाएं।

* सर्दियों में बच्चों की सेहत के लिए तुलसी के चार पत्ते पीसकर 50 ग्राम पानी में मिलाएं। सुबह पिलाएं।

* आमाशय का दर्द तुलसी पत्र को चाय की तरह औटाकर सुबह-सुबह लेना लाभदायक।

* सीने में जलन हो तो पावभर ठंडे जल में नीबू निचोड़कर सेवन करें।

* शराब ज्यादा पी ली हो तो छह माशा फिटकरी को पानी/दूध में मिलाकर पिला दें या दो सेबों का रस पिला दें।

* अरहर के पत्तों का रस पिलाने से अफीम का नशा कम हो जाता है।

* आधी छटांक अरहर दाल पानी में उबालकर उसका पानी पिलाने से भांग का नशा कम हो जाता है।

* केला हजम करने के लिए दो छोटी इलायची काफी होती है।

* आम ज्यादा खा लिए हों तो हजम करने के लिए थोड़ा सा नमक सेवन कीजिए।

* मुंह से बदबू आने पर मोटे अनार का छिलका पानी में उबालकर कुल्ले करें।

* हिचकी आने पर पोदीने के पत्ते या नीबू चूस लें।

* वजन घटाने हेतु गरम जल में शहद व नीबू मिलाकर सेवन करें।

* कान/दांत दर्द, खांसी व अपचन में जीरा व हींग 1/1-2 मात्रा में सेवन करें।

* जख्मों पर पड़े कीड़ों का नाश करने के लिए हींग पावडर बुरक दें।

* दाढ़ दर्द के लिए हींग रूई के फाहे में लपेटकर दर्द की जगह रखें।

* शीत ज्वर में ककड़ी खाकर छाछ सेवन करें। शराब की बेहोशी में ककड़ी सेवन कराएं।

* वजन घटाने हेतु गरम जल में शहद व नीबू मिलाकर सेवन करें।

* कान/दांत दर्द, खांसी व अपचन में जीरा व हींग 1/1-2 मात्रा में सेवन करें।

* जख्मों पर पड़े कीड़ों का नाश करने के लिए हींग पावडर बुरक दें।

* दाढ़ दर्द के लिए हींग रूई के फाहे में लपेटकर दर्द की जगह रखें।

* शीत ज्वर में ककड़ी खाकर छाछ सेवन करें। शराब की बेहोशी में ककड़ी सेवन कराएं।

कुछ उपयोगी जानकारी आप सभी के लिए
1. अगर आप दही को जल्दी और अच्छी जमाना चाहते तो रात को जमाते वक्त दूध में हरी मिर्च का डंठल तोड़ कर डाल दे दही अच्छी जमेगी
2. कभी कभी सब्जी में नमक तेज होने के कारण घर में कलेश होता है.ऐसे में आटे को गूंथ कर उसके छोटे – छोटे पेड़े ( लोइयां ) बना कर डाल दे नमक कम हो जायेगा||
3. एक प्याज को काट कर बल्ब या ट्यूब लाईटके साथ बाँधने से मच्छर व छिपकिली और मोर का पंख घर में कहीं भी लगाने से केवल छिपकिली नही आती.
4.कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते है जिन्हे फ्रीज़ में रखने से उनकी गंध फ्रीज़ में ही रह जाती है. यदि फ्रिज में कोई भी खुशबू याबदबू आती है तो आधा कटा हुआ निम्बू रखने से ख़त्म हो जायेगी।
5. चावल के उबलने के समय २ बूँद निम्बू केरस की डाल दे चावल खिल जायेंगे और चिपकेंगे नही.
6. चींटियों से चीनी के डब्बे को बचना हो तो डिब्बे में तीन या चार लौंग डालने से चींटी नहीं आती ||
7.बरसातों के दिनों में अक्सर नमक सूखा नही रह पाता वह सिल ( गीला गीला सा) जाता है आप नमककी डिबिया में ४-५ चावल के दाने डाल दें बहुत कम उसमे सीलापन आता है.
8 . आटा गूंधते समय पानी के साथ थोड़ा सा दूध मिलाये। इससे रोटी और पराठे का स्वाद बढ़िया हो जाएगा

1. सिर दर्द निवारक प्रयोग :-
उपाय :- सोफ़ हरी दस ग्राम ले | इसको स्वच्छ २०० ग्राम पानी में तब तक उबाले जब तक यह लगभग एक चोथाई यानि लगभग ५० ग्राम तक रह जाए | अब इसे छानकर इसमें एक tea spoon खांड मिलाकर प्रातः सायं एक हफ्ता लगातार पीयें | इस प्रयोग से नया व पुराना दोनों प्रकार का सिरदर्द ठीक हो जाता हें |
2. कमरदर्द व जोड़ों आदि के दर्द निवारक सरल प्रयोग
उपाय :- २५० ग्राम अलसी के तेल में १५ ग्राम पिसी सौंठ मिलाये |अब इसमें चार ( tea spoon ) चम्मच भरकर नमक मिलाकर गरम करें | जब तेल में धूआ उठने लगे तो इसे उतारकर छान कर रख ले | इस तेल से मालिश से पीठ का दर्द , कोई भी मांसल पीड़ा , कमरदर्द , जोड़ों के दर्द सब ठीक हो जाते हें |
3. सम्पूरण वात रोगों में लाभकारी तेल प्रयोग विधि
उपाय :- सरसों का तेल २५० ग्राम में अजवायन ५० ग्राम मिलाकर उसे इतना पकाए के अजवायन जल जाए | तब उस तेल को उतार कर तत्पश्चात उसमे ५० ग्राम तारपीन का तेल भी मिला ले | रोगी के पीड़ित स्थान पर इसका लेप करे | लाभ होगा |
4. बदन दर्द निवारक
उपाय :- सरसों के तेल में अजवायन और लहसुन जलाकर उस तेल की मालिश करने से हर प्रकार का बदन दर्द दूर हो जाता हें |
5. घाव में पड़े कीड़े निवारक
उपाय :-यदि घाव में कीड़े पड़ गये हो तो लहसुन को पीसकर उसका लेप लगाये | इससे घाव में पड़े कीड़े खत्म हो जाते हें |
6. जोड़ों के दर्द निवारक प्रयोग
(अ)..उपाय :- लहसुन की एक -दो कली को दूध में डालकर उबालकर बाद में कलियाँ खाकर उसके उपर दूध पी जाये |
(ब). उपाय :- सरसों के तेल में अजवायन और लहसुन डालकर गरम करे | फिर तेल को ठंडा करके जोड़ों पर मालिश करे |इससे आपको जोड़ों के दर्द में आराम मिलेगा |

हिचकी निवारक प्रयोग 7. पुदीना को काले नमक के साथ पीसकर उस चटनी को चटाने से हिचकी की शिकायत मिटती हें | 8. मुलहठी चूर्ण को शहद के साथ चटाना हिचकी में फायदा पहुंचता हें | बच्चों द्वारा बिस्तरा गीला करना निवारक उपाय :- काले तिल -२०० ग्राम , अजवायन – ५० ग्राम , इनके १०० ग्राम गुड़ में लड्डू बनाकर उन लड्डू को बच्चों को खिलाने से शेया में मूत्र की समस्या से राहत मिलती हें | ( नोट :- इस सामग्री से कई लड्डू बनाने हें | जरूरत अनुसार मात्रा में खिलाने हें |) उदर ( पेट ) रोगों में रामबाण नुस्खा उपाय :- २५० ग्राम देसी अजवायन , ६० ग्राम काला नमक – दोनों को किसी कांच या चीनी के बर्तन में डालकर नींबू का इतना रस डालें कि दोनों चीजें डूब जाए | अब धूल मिट्टी , गर्द-गुबार से बचाकर इस बर्तन को ढककर सुरक्षित छायादार स्थान पर रख दे | जब नींबू का रस धीरे -धीरे सूख जाये तो पुन : नींबू का उतना ही रस डाल दे | इस प्रकार नींबू का रस ७ बार डालना हें | अब दवा तेयार हें | रोज दोनों समय भोजन के बाद २ ग्राम (पिसी हुई )इस दवा को गुनगुने पानी के साथ ले | इसके सेवन से भूख लगती हें , खाया हुआ अच्छी तरह पच जाता हें , अफारा , जी -मचलना , पेट दर्द दूर होता हें |

आकस्मिक समस्या निवारक प्रयोग
1.कटे अंग से खून आना रूककर कटा जुड़ जाये
उपाय :- यदि चाकू या तेज़ चीज से हाथ-पैर अथवा शरीर का कोई अंग कट जाए तो वहां तुरंत पान का रस निचोड दे , रक्त तुरंत बंद हो जायेगा | यह प्रयोग कटे स्थान को जादू की तरह जोड़ देता हें | बस पान का रस निचोड़ कर तुरंत कटे स्थान पर टपका दे , फिर एक पान भी बांधना हें | (पान की दुकान से पान मिल जाएगा ) ( पान बगला मिले तो अति उत्तम हें वर्ना कोई भी पान का प्रयोग कर सकते हें )
2.कांच निगलने से आई परेशानी निवारक प्रयोग
उपाय :-यदि किसी ने कांच (गलती से या जान बुझकर ) खा लिया हें तो आप बिलकुल भी परेशान न हो , कांच खाए व्यक्ति को उबले हुए आलू खिला दे |
अथवा कांच खाये व्यक्ति को भरपेट दही खिला दे |
अथवा कांच खाये व्यक्ति को इसबगोल की भुस्सी लगभग बारह ग्राम सहता गरम दूध के साथ खिला दे | स्थिती का निवारण होगा |
3. मोच कष्ट निवारक प्रयोग
उपाय :- एक गिलास पानी में दो tea spoon जीरा डालकर गरम् कर ले | इसी पानी से मोच वाली जगह की सिकाई करे | इस प्रयोग से तुरंत आराम मिलेगा |
4. खट्टी डकार निवारक प्रयोग
उपाय :- गुड , सेंधा नमक , काला नमक मिलाकर चाटने से खट्टी डकारे आना बंद हो जाती हें |
5.(नाक में फंसी हुई चीज बाहर आये प्रयोग )
उपाय :-यदि कोई चीज नाक में फंस गई हो तो तम्बाकू पीसकर सूंघ लीजिए | छीक आने के साथ ही फंसी हुई चीज बाहर आ जायेगी |
6. जले अंग कष्ट निवारक प्रयोग
उपाय :- यदि कोई अंग आग से जल जाय तो उसी समय जले स्थान पर ग्लिसरीन लगा दे | जले के लिए यह अचूक .

उपाय 2 :-अगर शरीर का कोई हिस्सा जल या झुलस जाय तो उस पर तुरंत सरसों का तेल लगा दे या वह अंग जो जल गया हें तुरंत सरसों के तेल में डुबो दीजिए | छाला नहीं पड़ेगा ना ही कोई निशान वहां जाहिर होगा |

सुबह खाली पेट पानी पीने के जबरदस्‍त फायदे

● सुबह खाली पेट पानी पीने के अनेको फायदे हैं। अगर आप अपनी बीमारियों को काबू में करना चाहते हैं तो रोज सुबह उठ कर ढेर सारा पानी पियें। खाली पेट पानी पीने से पेट की सारी गंदगी दूर हो जाती है और खून शुद्ध होता है जिससे आपका शरीर बीमारियों से दूर रहता है।

हमारा शरीर 70% पानी से ही बना हुआ है इसलिये पानी हमारे शरीर को ठीक से चलाने के लिये कुछ हद तक जिम्‍मेदार भी हैं।

क्‍या आप जानते हैं कि सुबह खाली पेट पानी पीने का चलन कहां से शुरु हुआ? यह चलन जापान के लोगों ने शुरु किया था। वहां के लोग सुबह होते ही, बिना ब्रश किये 4 गिलास पानी पी जाते हैं। इसके बाद वे आधा घंटे तक कुछ भी नहीं खाते।

● बेस्‍ट रिजल्‍ट पाने के लिये आपको सुबह उठते ही तुरंत 1.2 लीटर पानी जिसका मतलब है 3-4 गिलास पानी पीना चाहिये। पानी पीने के 1 घंटे तक कुछ भी ना खाएं। इसके अलावा आपको इस बात का भी ध्‍यान रखना चाहिये कि आपने रात में शराब का सेवन ना किया हो। तो चलिये देखते हैं कि सुबह खाली पेट पानी पीने से आपको कौन – कौन से फायदे हो सकते हैं।

1. त्‍वचा बनाए चमकदार
कहा जाता है कि पानी आपके खून से घातक तत्‍वों को बाहर निकालता है जिससे त्‍वचा चमकदार बनती है।

2. नई कोशिकाएं बनें
सुबह सबसे पहले पानी पीने से मासपेशियों और नई कोशिकाओं का निर्माण होता है।

3. मोटापा घटाए
जब आप सुबह ठंडा पानी पीते हैं तब आपके शरीर का मैटाबॉलिज्‍म 24 % तक और बढ़ जाता है, जिससे आप जल्‍द ही वेट कम कर लेते हैं।

4. पेट साफ रखे
सुबह कुछ भी खाने से पहले अगर आप पेट भर पानी पीते हैं तो आप पेट अच्‍छी तहर से साफ होगा जिस वजह से आपका शरीर पोषक तत्‍व को आसानी से ग्रहण कर पाएगा।

5. बीमारियां दूर करे
पानी पीने से गले की बीमारी, मासिक धर्म, कैंसर, आंखों की बीमारी, डायरियां, पेशाब संबन्‍धित बीमारी, किड़नी, टीबी, गठिया, सिरदर्द और तमाम तरह की बीमारियां आपके शरीर से दूर रहेंगी।

6. आपकी भूख बढाए
पानी पी कर जब आपका पेट साफ हो जाता है, तब इस प्रकार से आपको भूख लगती है। इससे आपका सुबह का ब्रेकफास्‍ट अच्‍छा होता है।

7. खून बनाए
खाली पेट पानी पीने से रेड ब्‍लड सेल्‍स जल्‍दी जल्‍दी बढने लगती हैं।

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