Home pudina Health benefits of peppermint

Health benefits of peppermint

पुदीने के तेल में मेंथोन(menthone), मेंथॉल(menthol) और मेंथाइल एस्टर्स(methyl esters) होते हैं, जिनकी वजह से इसके गुणों की फेहरिस्त काफी लम्बी है। इस तेल का प्रयोग कई उत्पादों, जैसे साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट(Toothpaste), चाय, आइसक्रीम, च्युइंग गम आदि के निर्माण में भी किया जाता है। पर दूसरी तरफ इसके हमारे शरीर पर होने वाले उपकार भी कई हैं। काफी पुराने समय से पुदीना अपने औषधीय गुणों की वजह से जाना जाता है और तभी से इसका प्रयोग काफी बड़ी तादाद में किया जाता रहा है। इसे विश्व की सबसे पुरानी औषधि भी कहा जाता है।

 

पुदीने के तेल के शरीर पर उपचार

हाज़मे की समस्या से मुक्ति (Indigestion)

यह तेल हाज़मे की समस्या के लिए काफी बेहतरीन औषधि है। अगर आपने भोजन थोड़ा ज़्यादा कर लिया है, तो एक गिलास में इस तेल की कुछ बूँदें डालें और इसे पी लें। यह गैस की समस्या को प्रभावी रूप से दूर करने में सक्षम है। इसके बिलकुल उलट गुण के अंतर्गत यह आपके भूख न लगने की समस्या का भी बेहतरीन इलाज है। यह दस्त, मतली, पेट में अन्य प्रकार की गड़बड़ी आदि समस्याओं को ठीक करने में सक्षम है। एक शोध के अनुसार ब्लेंडेड पेपरमिंट(blended peppermint) तथा कैरवै के तेल(caraway oil)से सीने में जलन की समस्या से भी निजात मिलती है।

दांतों की देखभाल (Dental Care)

पुदीने के तेल में एंटी सेप्टिक(Antiseptic) गुण होते हैं और यह साँसों की बदबू को दूर करता है। यह आपके दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ बनाता है तथा कीटाणुओं से लड़ता है। पुदीने के तेल को कई टूथपेस्ट्स(Toothpaste) में भी मिश्रित किया जाता है। यह दांतों के दर्द को दूर करने तथा इन्हेलेशन(Inhalation) की समस्या का भी प्रभावी उपचार है।

नाखूनों की देखभाल (Nail Care)

पुदीने के तेल में एंटी फंगल(Anti Fungal) गुण भी होते हैं, जो आपके नाखूनों को फंगल इन्फेक्शन(Fungal Infections) से बचाते हैं। ये नाखूनों को काफी स्वस्थ रखते हैं तथा इन्हें टूटने से भी बचाते हैं।

 

सिर में दर्द (Headache)

सिर में दर्द की समस्या को दूर करने के लिए पुदीने का तेल काफी प्रभावी उपचार होता है। इस तेल को लें तथा इसमें पानी मिलाकर इसे डाइल्यूट कर लें। इसे अपने सिर पर लगाएं तथा अच्छे से मालिश करें। यह न सिर्फ दर्द को दूर करता है, बल्कि सिर के उस भाग को सुकून भी प्रदान करता है।

पुदीने के तेल में मेंथोन(menthone), मेंथॉल(menthol) और मेंथाइल एस्टर्स(methyl esters) होते हैं, जिनकी वजह से इसके गुणों की फेहरिस्त काफी लम्बी है। इस तेल का प्रयोग कई उत्पादों, जैसे साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट(Toothpaste), चाय, आइसक्रीम, च्युइंग गम आदि के निर्माण में भी किया जाता है। पर दूसरी तरफ इसके हमारे शरीर पर होने वाले उपकार भी कई हैं। काफी पुराने समय से पुदीना अपने औषधीय गुणों की वजह से जाना जाता है और तभी से इसका प्रयोग काफी बड़ी तादाद में किया जाता रहा है। इसे विश्व की सबसे पुरानी औषधि भी कहा जाता है।

pepermint

पुदीने के तेल के शरीर पर उपचार

हाज़मे की समस्या से मुक्ति (Indigestion)

यह तेल हाज़मे की समस्या के लिए काफी बेहतरीन औषधि है। अगर आपने भोजन थोड़ा ज़्यादा कर लिया है, तो एक गिलास में इस तेल की कुछ बूँदें डालें और इसे पी लें। यह गैस की समस्या को प्रभावी रूप से दूर करने में सक्षम है। इसके बिलकुल उलट गुण के अंतर्गत यह आपके भूख न लगने की समस्या का भी बेहतरीन इलाज है। यह दस्त, मतली, पेट में अन्य प्रकार की गड़बड़ी आदि समस्याओं को ठीक करने में सक्षम है। एक शोध के अनुसार ब्लेंडेड पेपरमिंट(blended peppermint) तथा कैरवै के तेल(caraway oil)से सीने में जलन की समस्या से भी निजात मिलती है।

दांतों की देखभाल (Dental Care)

पुदीने के तेल में एंटी सेप्टिक(Antiseptic) गुण होते हैं और यह साँसों की बदबू को दूर करता है। यह आपके दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ बनाता है तथा कीटाणुओं से लड़ता है। पुदीने के तेल को कई टूथपेस्ट्स(Toothpaste) में भी मिश्रित किया जाता है। यह दांतों के दर्द को दूर करने तथा इन्हेलेशन(Inhalation) की समस्या का भी प्रभावी उपचार है।

नाखूनों की देखभाल (Nail Care)

पुदीने के तेल में एंटी फंगल(Anti Fungal) गुण भी होते हैं, जो आपके नाखूनों को फंगल इन्फेक्शन(Fungal Infections) से बचाते हैं। ये नाखूनों को काफी स्वस्थ रखते हैं तथा इन्हें टूटने से भी बचाते हैं।

pepermint

सिर में दर्द (Headache)

सिर में दर्द की समस्या को दूर करने के लिए पुदीने का तेल काफी प्रभावी उपचार होता है। इस तेल को लें तथा इसमें पानी मिलाकर इसे डाइल्यूट कर लें। इसे अपने सिर पर लगाएं तथा अच्छे से मालिश करें। यह न सिर्फ दर्द को दूर करता है, बल्कि सिर के उस भाग को सुकून भी प्रदान करता है।

 

तनाव (Stress)

ज़्यादातर एसेंशियल ऑयल्स(Essential oils), जिनमें से एक पुदीने का तेल भी है, आपको डिप्रेशन, चिंता और थकावट से मुक्ति दिलाते हैं। यह तेल आपमें ऊर्जा का संचार करता है और आपके मन में चल रही बेचैनी की भावना को भी दूर करता है। इस तेल से आपका मस्तिष्क काफी अच्छे से चलता है, क्योंकि यह आपके दिमाग में चल रही दुश्चिंताओं को हटाता है और आपको ध्यान लगाने में सहायता करता है।

सांस की समस्या (Respiratory Problems)

मेंथॉल(Menthol) से आपकी साँसों की तकलीफ काफी प्रभावी रूप से दूर होती है। यह एक उपयोगी एक्सपेक्टोरेन्ट(expectorant) है, जिसकी वजह से यह आपको तुरंत राहत प्रदान करता है। जिन सामान्य समस्याओं से आप इसकी मदद से निपट सकते हैं, उनमें मुख्य है नाक का बंद होना, साइनसाइटिस(sinusitis), ब्रोंकाइटिस(bronchitis), अस्थमा(asthma), ठण्ड और कफ। अतः अब से जब भी आपको ठण्ड लगे, तो थोड़ा सा पुदीने का तेल अपनी छाती पर लगा लें। इससे आपकी स्थिति सुधरेगी और आपके शरीर को काफी सुकून मिलेगा।

दर्द से छुटकारा (Pain Relief)

इस तेल के प्रयोग से आप दर्द से भी छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं। शोध से यह साबित हुआ है कि पुदीने का तेल दर्द से प्रभावित भागों को ठीक करने में सक्षम है। इसमें शरीर को ठंडक प्रदान करने के भी गुण होते हैं, जिससे बुखार कम करने में काफी मदद मिलती है। कई लोग इसका रेफ्रिजरेन्ट(Refrigerant) के रूप में भी प्रयोग करते हैं। यह चोट और घाव की स्थिति में प्रभावित भाग को राहत पहुंचाता है। आप इस तेल का प्रयोग सूजन, दर्द तथा जलन दूर करने के लिए भी कर सकते हैं।

प्रतिरोधी तंत्र (Immune System)

आप अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा खुद को कई बीमारियों से प्रभावित होने से बचाने के लिए पुदीने के तेल का प्रयोग कर सकते हैं। जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, वे कई तरह की बीमारियों से पीड़ित रहते हैं। इसमें एंटी वायरल(Anti Viral), एंटी बैक्टीरियल(Anti Bacterial) और एंटी फंगल(Anti Fungal) गुण हमारी प्रतिरोधक क्षमता पर हमला करने वाली कई बीमारियों का पुख्ता तरीके से इलाज करते हैं।

रक्त का संचार (Blood Circulation)

आप पुदीने के तेल की मदद से रक्त संचार भी बढ़ा सकते हैं। कई शोधों से साबित हुआ है कि एसेंशियल वेपर(Essential vapor) हमारी ओल्फैक्टरी नसों(Olfactory Nerves) को छूते हैं और इससे हमारे पल्स रेट(Pulse Rate) में तेज़ी आती है। इसकी मदद से मधुमेह(Sugar) से पीड़ित व्यक्तियों को भी कई समस्याओं से बचाया जा सकता है।

 

तनाव (Stress)

ज़्यादातर एसेंशियल ऑयल्स(Essential oils), जिनमें से एक पुदीने का तेल भी है, आपको डिप्रेशन, चिंता और थकावट से मुक्ति दिलाते हैं। यह तेल आपमें ऊर्जा का संचार करता है और आपके मन में चल रही बेचैनी की भावना को भी दूर करता है। इस तेल से आपका मस्तिष्क काफी अच्छे से चलता है, क्योंकि यह आपके दिमाग में चल रही दुश्चिंताओं को हटाता है और आपको ध्यान लगाने में सहायता करता है।

सांस की समस्या (Respiratory Problems)

मेंथॉल(Menthol) से आपकी साँसों की तकलीफ काफी प्रभावी रूप से दूर होती है। यह एक उपयोगी एक्सपेक्टोरेन्ट(expectorant) है, जिसकी वजह से यह आपको तुरंत राहत प्रदान करता है। जिन सामान्य समस्याओं से आप इसकी मदद से निपट सकते हैं, उनमें मुख्य है नाक का बंद होना, साइनसाइटिस(sinusitis), ब्रोंकाइटिस(bronchitis), अस्थमा(asthma), ठण्ड और कफ। अतः अब से जब भी आपको ठण्ड लगे, तो थोड़ा सा पुदीने का तेल अपनी छाती पर लगा लें। इससे आपकी स्थिति सुधरेगी और आपके शरीर को काफी सुकून मिलेगा।

दर्द से छुटकारा (Pain Relief)

इस तेल के प्रयोग से आप दर्द से भी छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं। शोध से यह साबित हुआ है कि पुदीने का तेल दर्द से प्रभावित भागों को ठीक करने में सक्षम है। इसमें शरीर को ठंडक प्रदान करने के भी गुण होते हैं, जिससे बुखार कम करने में काफी मदद मिलती है। कई लोग इसका रेफ्रिजरेन्ट(Refrigerant) के रूप में भी प्रयोग करते हैं। यह चोट और घाव की स्थिति में प्रभावित भाग को राहत पहुंचाता है। आप इस तेल का प्रयोग सूजन, दर्द तथा जलन दूर करने के लिए भी कर सकते हैं।

प्रतिरोधी तंत्र (Immune System)

आप अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा खुद को कई बीमारियों से प्रभावित होने से बचाने के लिए पुदीने के तेल का प्रयोग कर सकते हैं। जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, वे कई तरह की बीमारियों से पीड़ित रहते हैं। इसमें एंटी वायरल(Anti Viral), एंटी बैक्टीरियल(Anti Bacterial) और एंटी फंगल(Anti Fungal) गुण हमारी प्रतिरोधक क्षमता पर हमला करने वाली कई बीमारियों का पुख्ता तरीके से इलाज करते हैं।

रक्त का संचार (Blood Circulation)

आप पुदीने के तेल की मदद से रक्त संचार भी बढ़ा सकते हैं। कई शोधों से साबित हुआ है कि एसेंशियल वेपर(Essential vapor) हमारी ओल्फैक्टरी नसों(Olfactory Nerves) को छूते हैं और इससे हमारे पल्स रेट(Pulse Rate) में तेज़ी आती है। इसकी मदद से मधुमेह(Sugar) से पीड़ित व्यक्तियों को भी कई समस्याओं से बचाया जा सकता है।.

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