Drink Water Before Sleeping

• सोने से पहले पानी पीने के फायदे •

1. जब भी हम सोने से पहले पानी का सेवन करते हैं, तो यह हमारे ह्रदय के रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। जब भी हम रात को पानी पीते हैं तो हमें दिल से जुडी हुई बीमारियों का खतरा कम रहता है क्योंकि इससे रक्त संचारण सुचारू रूप से चलता है, जिससे हमारा हार्ट सही तरीके से काम करता है। जब हमारा रक्त संचार का सही ढंग से काम करता है, तो हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।

2. जब हम रात को सोने से पहले पानी का सेवन करते हैं तो हमारा सारा तनाव दूर हो जाता है और हमें नींद भी अच्छी आती है।

3. जब हम रात को सोने से पहले पानी का सेवन करते हैं, तो हमारे शरीर में नई कोशिकाओं का निर्माण होता है और साथ ही हमारी मांसपेशियां मजबूत बनती है।

4. पेट साफ़ करने का घरेलू उपाय है यह, जब हम पानी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करते हैं तो हमारा पेट साफ़ रहता है जिसके कारण हमारा पाचन तन्त्र सही से काम करता है।

5. पानी पीने से हमारी दिन भर की थकान दूर हो जाती है। लेकिन जब हम दिन में किसी टेंशन में होते हैं, तो हमे एक गिलास पानी का पी लेना चाहिए इससे हमारा दिमाग शांत हो जाता है और हमारी टेंशन भी दूर हो जाती है।

सर दर्द ,रुसी और बदहजमी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

सर दर्द से राहत के लिए

१. तेज़ पत्ती की काली चाय में निम्बू का रस निचोड़ कर पीने से सर दर्द में अत्यधिक लाभ होता है.

२ .नारियल पानी में या चावल धुले पानी में सौंठ पावडर का लेप बनाकर उसे सर पर लेप करने भी सर दर्द में आराम पहुंचेगा.

३. सफ़ेद चन्दन पावडर को चावल धुले पानी में घिसकर उसका लेप लगाने से भी फायेदा होगा.

४. सफ़ेद सूती का कपडा पानी में भिगोकर माथे पर रखने से भी आराम मिलता है.

५. लहसुन पानी में पीसकर उसका लेप भी सर दर्द में आरामदायक होता है.

६. लाल तुलसी के पत्तों को कुचल कर उसका रस दिन में माथे पर २ , ३ बार लगाने से भी दर्द में राहत देगा.

७. चावल धुले पानी में जायेफल घिसकर उसका लेप लगाने से भी सर दर्द में आराम देगा.

८. हरा धनिया कुचलकर उसका लेप लगाने से भी बहुत आराम मिलेगा.

९ .सफ़ेद  सूती कपडे को सिरके में भिगोकर माथे पर रखने से भी दर्द में राहत मिलेगी.

 

बालों की रूसी दूर करने के लिए

१. नारियल के तेल में निम्बू का रस पकाकर रोजाना सर की मालिश करें.

२. पानी में भीगी मूंग को पीसकर नहाते समय शेम्पू की जगह प्रयोग करें.

३. मूंग पावडर में दही मिक्स करके सर पर एक घंटा लगाकर धो दें.

४ रीठा पानी में मसलकर उससे सर धोएं.

५. मछली, मीट अर्थात nonveg त्यागकर केवल पूर्ण शाकाहारी भोजन का प्रयोग भी आपकी सर की रूसी दूर करने में सहायक होगा.

 

गैस व् बदहजमी दूर करने के लिए

१. भोजन हमेशा समय पर करें.

२. प्रतिदिन सुबह देसी शहद में निम्बू रस मिलाकर चाट लें.

३. हींग, लहसुन, चद गुप्पा ये तीनो बूटियाँ पीसकर गोली बनाकर छाँव में सुखा लें, व् प्रतिदिन एक गोली खाएं.

४. भोजन के समय सादे पानी के बजाये अजवायन का उबला पानी प्रयोग करें.

५. लहसुन, जीरा १० ग्राम घी में भुनकर भोजन से पहले खाएं.

६. सौंठ पावडर शहद ये गर्म पानी से खाएं.

७. लौंग का उबला पानी रोजाना पियें.

८. जीरा, सौंफ, अजवायन इनको सुखाकर पावडर बना लें,शहद के साथ भोजन से पहले प्रयोग करें.

  • ग्रीन टी हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद है.

  •  ग्रीन टी आजकल बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रही है. ग्रीन टी को कैमिला साइनेंसिस की पत्तियों को सुखाकर बनाया जाता है. तो आइए आज हम जानते हैं कि ग्रीन टी (हरी चाय) के क्या-क्या फायदे हैं और इसके क्या-क्या नुकसान हैं. इसे कितनी मात्रा में पीना चाहिए, इत्यादि.

  • ग्रीन टी (हरी चाय) के फायदे :

  • ग्रीन टी सुबह-सुबह खाली पेट नहीं पीना चाहिए.
  • ग्रीन टी के साथ दवा न लें, दवा पानी के साथ हीं लें.
  • ग्रीन टी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.
  • ग्रीन टी कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकती है. ग्रीन टी नियमित पीने से मूत्राशय के कैंसर की आशंका नहीं के बराबर रह जाती है.
  • ग्रीन टी ब्लडप्रेशर को नियन्त्रण में रखता है.
  • इसे पीने से दिल का दौरा पड़ने की सम्भावना कम हो जाती है.
  • हार्ड ग्रीन टी नहीं पीनी चाहिए, इससे पेट की समस्याएँ हो सकती है, नींद आने में समस्या हो सकती है, चक्‍कर आने जैसी समस्‍या पैदा हो सकती है.
  • ग्रीन टी वजन कम करने में मदद करती है, यह फालतू कैलोरी बर्न करने में मदद करती है.
  • अगर आप हर दिन दो-तीन कप से ज्‍यादा ग्रीन टी पियेंगे तो यह आपको नुकसान पहुंचाएगी.
  • दांत के रोग फैलाने वाले बैक्टीरिया को ग्रीन टी खत्म कर देती है. यह मुंह में बदबू पैदा करने वाली बैक्टीरिया के विकास को कम कर देती है.
  • हमेशा ताजी ग्रीन टी पियें.
  • ग्रीन टी ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है.
  • ग्रीन टी में पाया जानेवाला अमीनो एसिड चिंता दूर करने में मदद करता है.
  • ग्रीन टी में हाई फ्लोराइड नाम का chemical पाया जाता है. यह हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है. यह बोन डेंसिटी बनाए रखने में मदद करता है.
  • ग्रीन टी फ़ूड पोइसोनिंग से बचाता है.
  • ग्रीन टी एंटी एजिंग दवा का काम करता है.

 

◆ जिन महिलाओं को बालों के झड़ने की समस्या है, विशेष रूप से तब जब कि यह एक आनुवंशिक प्रवृत्ती है तो उनमें बहुत छोटी उम्र में गर्भनिरोधक गोलियां लेने से बालों का झड़ना शुरू हो सकता है। आमतौर पर गर्भनिरोधक गोलियां लेना बंद करने के छह महीने बाद बाल फिर से बढ़ जाते हैं।

★ महिलाओं में बाल झड़ने के ऐसे ही कुछ प्रमुख कारण निम्न प्रकार से हैं। ★

 

1. पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम (पीसीओ)

इस हालत के साथ पड़ित महिलाओं में कई विभिन्न प्रकार के संभावित लक्षण दिख सकते है, जिनमें से एक बालों का झड़ना भी हो सकता है। इस हार्मोन के असंतुलन की जटीलता को समग्र उपायों के माध्यम से संबोधित करना सबसे अच्छा है।

2. गर्भावस्था / बच्चे के जन्म

जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, कुछ महिलाओं को हार्मोन में उतार चढ़ाव की वजह से अपने बालों में बड़े बदलाव का अनुभव होता है। इसका अर्थ सामान्य, घने बालों की अपेक्षा घुँघराले या सीधे बाल और अक्सर बालों के झड़ना हो सकता है। कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान इन परिवर्तनों का अनुभव होता है जबकि अन्य महिलाओं को गर्भावस्था के बाद इसका अनुभव होता है। बहरहाल, ज्यादातर मामलों में, यह अपने आप पूरी तरह से ठिक हो जाते है।

3. थायराइड रोग

अति सक्रिय थाइरोइड और कम सक्रिय थायराइड दोनों बालों के झड़ने का कारण बन सकते है। थायराइड असंतुलन का निदान एक प्रयोगशाला परीक्षण के माध्यम से आपके चिकित्सक द्वारा किया जा सकता है। ये असंतुलन समग्र उपायों के माध्यम से पूरी तरह से ठिक किये जा सकते हैं।

4. अपर्याप्त पोषक आहार

कई सनकी आहार कार्यक्रम और बाजार के चरम “विषहरण” योजनाओं से अनजाने में महिलाओं के बालों की बनावट और घनेपन को प्रभावित करना बहुत आसान है। आमतौर पर, आहार में अचानक चरम बदलाव, विशेष रूप से प्रोटीन आहार में कमी, चरम कैलोरी प्रतिबंध या एक प्रिडॉमिनेटली जंक फूड के शाकाहारी भोजन से प्रोटीन की कमी के कारण भारी राशी में बालों का झड़ना शुरु हो सकता है, जो अक्सर आहार में बदलाव की शुरुआत के दो या तीन महीने तक चलता है।अपने आहार के लिए एक उचित संतुलन बहाल करके, बालों के झड़ना बंद किया जा सकता है।

5. चिकित्सा

चिंता और अवसाद के साथ साथ रक्तचाप की पर्चे दवाऐं एक छोटे प्रतिशत लोगों में अस्थायी रुप में बालों के झड़ने का कारण हो सकती है। महिलाओं के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है, की कई महिलाऐं जब जीवन में उनको परिवर्तन के प्रमुख दौर में नुकासन से गुजरना पड़ता है,तब वह मनोदशा-स्थिरकारी दवाओं का सहारा लेती है। ज्यादातर मनोदशा-स्थिरिकारी और अवसाद विरोधी दवाओं के कारण यह दुष्प्रभाव पैदा हो सकता है।

6. सीरम आयरन की कमी

आयरन की कमी बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। जिन महिलाओं को अक्सर बहुत ज्यादा या जरूरत से ज्यादा मासिक स्त्राव होता है, उनमें लोहे की कमी का विकास हो सकता है। लोहे की कमी का प्रयोगशाला में परीक्षणों द्वारा पता लगाया जा सकता है और लोहे की पूरक खुराक के साथ ठीक किया जाता है।

7. तनाव

तनाव बालों के झड़ने से संबंधित एक दिलचस्प कारण है। प्रमुख तनाव प्रकरण के परिणाम स्वरुप यह समस्या ह सकती हैं और प्रकरण के बाद तीन महीने तक जारी रहती है, और तीन महीने के बाद फिर से बाल बढ़ना शुरू कर सकते हैं। कई महिलाऐं दार्घकालीन कम श्रेणी के तनाव का सामना कर सकती है, और उनकी आनुवंशिक प्रवृत्ती  पर इस प्रकार के तनाव से शुरवाती एन्ड्रोजेनिक  बालों का झड़ना शुरु करना निर्भर कर सकते हैं।

बालों का झड़ना रोकने के लिए, गर्भनिरोधक या अवसाद विरोधी गोलियाँ जब तक बहुत जरुरत ना हो, लेने से बचे। यहां तक कि अगर आपको लगता है कि आपको यह लेनी है, तो भी अन्य राय और वैकल्पों का शोध ले। यदि आप हार्मोन के कारण संवेदनशील हैं, तो सिंथेटिक हार्मोन जोड़ने से आगे हार्मोनल समस्याओं को बढ़ावा मिल सकता हैं। इसके अलावा, एक स्वस्थ आहार को बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है – सनक आहार, चरम विषहरण कार्यक्रमों या मार्गदर्शन के बिना शाकाहार के साथ प्रयोग से बचें। शारीरिक गतिविधि एक अन्य बहुत अच्छा प्रतिबंधात्मक उपाय है, यह बालों के पुटिका को महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के संचलन को बढ़ावा देने के साथ आपके शरीर पर के तनाव हार्मोन के प्रभाव से बालों के झड़ने को कम करने जैसी डबल ड्यूटी में कार्य करता है।

डार्क स्पॉट मिटाने के लिए टमाटर है कारगर :

चेहरों का डार्क स्पॉट (Dark Spots) मिटाने में टमाटर काफी असरदार है।

टमाटर के रस में नींबू का रस, हल्दी पाउडर और बेसन मिलाकर लेप बना लें।

इस लेप को गालों पर लगाएं।

सूखने के बाद पानी से चेहरे को धो लें।

रोज एक बार इसे आजमाएं।

डार्क स्पॉट खत्म हो जाएँगे।

मेथी दाना(Fenugreek)mehti

औषधि के रूप में बहुत उपयोगी है मेथी

मेथी की सब्जी खाने से खून शुद्ध होता है क्योंकि इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व उपस्थित होते हैं जो की एनीमिया को रोकने में सहायक होता है। मेथी के छोटे और पीले दाने सख्त और स्वाद में कसैले जरूर होते हैं लेकिन स्वास्थ्य के लिए अमृत से कम नहीं हैं।
मेथी में प्रोटीन ,वसा,कार्बोहाईड्रेट ,कैल्शियम,फास्फोरस तथा लोहा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.यह भूख जाग्रत करने वाली है.इसके लगातार सेवन से पित्त,वात,कफ और बुखार की शिकायत भी दूर होती है. मेथी के बीजों में मुख्य तौर से वाष्पशील व स्थिर तेल, प्रोटीन, सेल्यूलोज, स्टार्च, शर्करा, म्यूसिलेज, खनिज पदार्थ, एल्कोलायड व विटामिन पाये जाते हैं। मेथी में पानी , रेशे , वसा , लोहा तथा अल्प मात्रा में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटाशियम, सोडियम, जस्ता सहित तत्वों ,फास्फोरस खनिज लोहा,तांबा, मैंगनीज, फोलिक एसिड, राइबोफ्लेविन, नियासिन, और फाइबर, कफ के रूप में और विटामिन ए, बी, सी भी पाए जाते हैं। मेथी में फास्फोरिक एसिड, कोलाइन और ट्राइगोनेलिन एल्केलाइड्स, गोंद, लेसीथिन, स्थिर तेल, एलब्युमिन प्रोटीन, पीले रंग के रंजक तत्व पाए जाते हैं।
मेथी के सेवन से वायु (गैस), कफ (बलगम) और ज्वर (बुखार) दूर होता है। वात रोग (जोड़ों के दर्द), में मेथी का पाउडर मट्ठा के साथ पीने से लाभ मिलता है
सवेरे मैथी दाना के बारीक चुर्ण की एक चम्मच की मात्रा से पानी के साथ फंक्की लगाने से घुटनों का दर्द समाप्त होता है। विशेषकर बुढ़ापे में घुटने नहीं दुखते।
मेथी का रस निकाल कर सुबह शाम पियें मधुमेह ठीक हो जाती है।
काले अंगूर के साथ मेथी के रस में समान मात्रा में लेने से बवासीर ग्रस्त रोगी रोगी ठीक हो जाता है।
मेथी में लौह तत्व अधिक होता है। यह पीलिया से ग्रस्त रोगी के लिए फायदेमंद है। मेथी की सब्जी में अदरक,गर्म मसाला डालकर खाने से निम्न रक्तचाप में फायदा होता है।
मेथी की सब्जी को खाने से खून में शुद्धता आती है, मेथी में दिल के रोगों के लिए पाचनशक्ति और कामवासना बढ़ाने की शक्ति होती है।
मेथी में ऐसे पाचक एंजाइम होते हैं जो की भूख को बढ़ाती है। गैस, कफ और ज्वर का नाश करती है,मेथी गैस, कफ और ज्वर का नाश करती है,
पेट में वायु,पेट के कीड़े, पेट का दर्द, कमर का दर्द और शारीरिक पीड़ा को दूर करती है इससे स्त्रियों की कमजोरी दूर होती है, शक्ति आती है ।
बच्चे के जन्म (प्रसूति) होने के बाद गर्भाशय में कोई कमी रह गई हो, गर्भाशय ठीक से संकुचित न हुआ हो और स्तन एवं प्रसव पीड़ा को नष्ट होती है।
बंद हुए मासिक-धर्म को फिर से सुचारू करती है स्तन में दूध की मात्रा बढ़ती है।
सन्धिवात (जोड़ों का दर्द) में भी मेथी के ( गुड, आटा और मेथी ) लड्डूओं का सेवन किया जाता है।
मेथी में कैंसर रोधक तत्व भी पाए जाते हैं। इसका उपयोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और पेट संबंधी समस्या में फायदेमंद होता है। मेथी हृदय के लिए लाभकारी तथा बलवर्द्धक है।
मेथी रक्त की कमी में लाभकारी है मेथी के चूर्ण तथा काढ़े से स्नायु रोग,बहु-मूत्र ,पथरी,टांसिल्स,रक्त-चाप तथा मानसिक तनाव और गर्भ-निरोधक के रूप में लाभ होता है।
मैथी ( दाना ) का साग बनाकर रोजाना खावें अथवा मैथी दाना का चूर्ण तीन ग्राम दही में मिलाकर सेवन करें। आंव की बिमारी में लाभ के अतिरिक्त इससे पेशाब का अधिक आना भी बन्द होता है। प्रतिदिन मैथी का साग खाने से आंव की बिमारी अच्छी होती है।
उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को कम करने और महिलाओं के सौंदर्य को निखारने में मदद करता है आँखों के नीचे का कालापन मिटने के लिये मेथी को पीस कर पेस्ट की तरह लगाते है।
मेथी के दानों को रात भर पानी में भिंगोकर सुबह उसे पीसकर सिर पर बालों को झड़ने से रोकने और बालों को लम्बा करने के लिये लगायें।
मेथी के दानो को पीसकर उसका लेप चेहरे पर लगाने से चेहर के दाग-धब्बे दूर होते हैं त्वचा कांतिमय हो जाती है,ताजा मेथी के पत्तों को पीसकर चेहरे पर लगाने से मुहांसों, चेहरे का रूखापन और झुर्रियां दूर होती हैं।
उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को कम करने और महिलाओं के सौंदर्य को निखारने में मदद करता है बालों में रूसी होने पर मेथी पेस्ट बालों में लगाएं और आधा घंटे बाद धो लें।
यह एसीडिटी , अपच, अरुचि ,गैस, दस्त, पेट दर्द, बदहजमी ,कब्ज ,पाचन-तंत्र की गड़बड़ी, खांसी, सूजन, बादी, बवासीर, पेट के कीड़े ख़त्म करती है, और पेशाब को सुचारू करती है।
मेथी के कड़वेपन से पेट के कीड़े खत्म होते हैं।मेथी बवासीर ग्रस्त रोगी के लिए फायदेमंद है।
पेट के छाले, आँतों की सफाई के लिये-दो चम्मच मेथी एक कप पानी में उबाल कर मेथी का काढ़ा बना कर पीने से लाभ होता है।
मुंह के छाले ठीक करने के लिए मेथी के पत्तो के अर्क से और मुंह की दुर्गन्ध दूर करने के लिए मेथी को पानी में उबाल कर ठंडा करके कुल्ला करते है।
कान बहने पर मेथी को दूध में पीस कर छानने के बाद हल्का गर्म करके कान में डालें ।
पित्त दोष में हरी मेथी की उबली हुयी पत्तियों को देसी घी में तल कर खाने से लाभ होता है।
मेथी पाउडर का सेवन दूध के साथ करने से मधुमेह ठीक होता है।
मेथी का काढ़ा कान के दर्द, सर्दी, मिर्गी, लकवा और फालिज इत्यादि में लाभदायक है।
इसमें खून और पेशाब में ग्लूकोज की मात्रा कम करने का विशेष गुण होने के कारण डायबिटीज में ये बहुत गुणकारी होते है।
नपुंसकता, कमजोरी, गठिया (जोड़ों का दर्द), मधुमेह, बाल रोग, कब्ज, अनिद्रा (नींद का कम आना), मोटापा, रक्तातिसार तथा जलन आदि रोगों के लिए यह काफी हितकारी होती है।
विशेष सावधानी: मेथी का स्वभाव गर्म होता है।अधिक मात्रा में खाने से पित्त को बढ़ती है पित्तजन्य रोगों में तथा उष्ण प्रकृतिवालों को नहीं करना चाहिए। जिनके नाक से नकसीरी आना खूनी बवासीर, पेशाब में खून आना,मासिक धर्म में कई दिनों तक अधिक खून आना उनको गर्मी के मौसम में मेथी का प्रयोग कम करना चाहिए। सर्दी के मौसम में मेथी का सेवन करना अधिक सुरक्षित है। मेथी के दानों का चूर्ण 3 से 6 ग्राम तक ले सकते हैं।
कैसे स्टोर करें: साबुत दानामेथी को आवश्यकतानुसार पाउडर या दरदरा पीसकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे ताजा-ताजा ही पीसकर काम में लें क्योंकि ज्यादा दिनों तक पाउडर रखने पर खुशबू और ताजगी ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रह पाती। ताजगी बनाए रखने के लिए एअरटाइट जार में ठंडी जगह स्टोर करें। डोसा के लिए उड़द की दाल व चावल भिगोते समय थोड़ी सी दानामेथी साथ में भिगोने से डोसे कुरकुरे, स्वादिष्ट और सुगंधित बनेंगे।.

अलसी के बीज से बालों को बनायें घना और चमकीला
ALSI
अलसी का सेवन बनाता है बालों को स्वस्थ और मजबूत।
ओमेगा-3 और एंटीऑक्सीडेंट्स बढ़ाते है बालों की चमक।
इसके सेवन के साथ भरपूर मात्रा में पीना चाहिए पानी।
अलसी के बीज को भूनकर भी खाया जा सकता है।

अलसी में विटामिन बी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर, आयरन, जिंक, पोटैशियम, केरोटिन, थायमिन, राइबोफ्लेविन और नियासिन जैसे खनिज लवण होते हैं। इसके तेल में 36 से 40 प्रतिशत ओमेगा-3 होता है। यह बालों के विकास और उनको हेल्‍दी रखने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। अलसी में पाये जाने वाले ओमेगा-3 बालों को स्‍वस्‍थ, चमकदार व मजबूत बनाते हैं। अलसी खाने वालों को कभी रूसी नहीं होती। अलसी में अधिक फाइबर होता है, जिससे प्यास ज्यादा लगती है। आइए विस्‍तार से चर्चा करते हैं, आखिर यह बालों के लिए कितना फायदेमंद है।

बालों के लिए असली

अलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त को शुद्ध करते हैं, त्वचा तथा बालों को चमक देते हैं। ये शरीर की कई रोगों से सुरक्षा भी करते हैं।अलसी के बीजों में विटामिन्स तथा प्रोटीन्स प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। प्रोटीन्स शरीर के सही विकास में सहायक होते हैं। अलसी को सूखी कढ़ाई में डालिये, रोस्ट कीजिये (अलसी रोस्ट करते समय चट चट की आवाज करती है) और मिक्सी से पीस लीजिये। इन्हें थोड़े दरदरे पीसिये, एकदम बारीक मत कीजिये। भोजन के बाद सौंफ की तरह इसे खाया जा सकता है। लेकिन आप इसे जादा मात्रा में बना के न रखे क्योंकि ये खराब हो जाती है। एक हफ्ते के लिए बनाना ही चाहिए। अलसी आपको अनाज बेचने वाले तथा पंसारी या आयुर्वेदिक जड़ी बूटी बेचने वालो के यहाँ से मिल जायेगी।

आहार मे शामिल करें अलसी

आप अलसी के पाउडर को फलों के रस में मिलाकर भी ले सकते हैं। इसके लिए आप एक गिलास जूस यानी 150 मिलीलीटर में एक चम्‍मच अलसी पाउडर को मिला सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्‍यान रखें कि सात दिन से ज्यादा पुराना पीसा हुआ पाउडर प्रयोग न करें। इसको एक साथ पीसने से तिलहन होने के कारण खराब हो जाता है। अधिकांश लोगों को सादी अलसी खाना पसंद नहीं होता है, ऐसे में आप अलसी को भूनकर इसका सेवन कर सकते हैं। ऐसा करना न केवल अलसी को स्‍वादिष्‍ट बल्कि कुरकुरा स्‍वाद भी देता हैं।अलसी का सेवन चाय के रूप में भी किया जा सकता है। अलसी की चाय बनाने के लिए एक चम्मच अलसी पावडर को दो कप (360 मिलीलीटर) पानी में तब तक धीमी आंच पर पकाएं जब तक यह पानी एक कप न रह जाए। थोड़ा ठंडा होने पर शहद, गुड़ या शकर मिलाकर पीये।

कुछ लोगों ऐसा कहते है कि अलसी गर्म होती है इसलिए गर्मी के मौसम में इसका सेवन नहीं करना चाहिए।परंतु ऐसा नहीं है ,अलसी को आप किसी भी मौसम में खा सकते हैं यह गर्म नहीं होती है।.

HLIPS – पुरुषों के काले होंठ को गुलाबी करने के लिए प्राकृतिक उपचार – डार्क लिप छुटकारा पाएँ घरेलू उपाय से

मर्दों में काले होंठों की समस्या ज़्यादा देखी जाती है, पर उनके पास इसके कारण भी ज़्यादा होते हैं। इसके पीछे सिगरेट का हाथ होता है, जो ना सिर्फ आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आपके होंठों को काला भी करती है। होंठों का प्राकृतिक रंग खराब करने के पीछे सबसे बड़ा हाथ निकोटिन का होता है। धूम्रपान से खून की नसें कड़ी हो जाती हैं और इससे रक्त संचार धीमा हो जाता है, जिसके फलस्वरूप होंठों और चेहरे का रंग उड़ने लगता है। कई बार होंठों के ऊपर की मृत त्वचा भी डार्क लिप का कारण होती है।

काले होंठ ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Home remedies to treat men dark lips)

शहद (Honey)

अगर आप अपने रंगहीन और रूखे होंठों की देखभाल करना चाहते हैं, तो शहद का प्रयोग करें। यह बेहतरीन उत्पाद होंठों के खोये रंग को वापस ले आने में पूरी तरह सक्षम है। अपनी उँगलियों से थोड़ा शहद लें और अपने होंठों पर लगाएं। इसे रातभर के लिए छोड़ दें और अगली सुबह होंठों को साफ़ कर लें। इस विधि का प्रयोग निरंतर करने से आपके होंठ नरम होंगे तथा आपके होंठों का रंग भी निखरेगा।

बीटरूट का रस (Beetroot juice)

होंठों के रंग को प्राकृतिक रूप से बदलने के लिए बीटरूट का रस काफी फायदेमंद होता है। थोड़े से बीटरूट का रस निकालें और होंठों के काले रंग को हटाने के लिए इसे अच्छे से लगाएं। बीत का छोटा सा टुकड़ा रगड़ने पर भी होंठ लाल होते हैं।

नींबू (Lemon)

काले होंठों पर नींबू और नमक को स्क्रब करने पर इसका रंग हल्का होता है। नींबू का एक टुकड़ा लें और इसे नमक में डालें। इस टुकड़े को कुछ सेकण्ड्स तक होंठों पर स्क्रब करें। इससे होंठों की मृत त्वचा हटाने में मदद मिलती है और होंठों का रंग बदला जा सकता है। इस विधि के प्रयोग के पहले यह जांच लें कि आपके होंठों पर कटने छिलने के दाग न हों, अन्यथा इसके प्रयोग के बाद उस जगह पर जलन हो सकती है।

 

बेरी बाम (Berry balm)

होंठों का कालापन घटाने के लिए यह एक और घरेलू नुस्खा है। एक स्ट्रॉबेरी लें और मैश करके इसका एक महीन पेस्ट बना लें। इसमें पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम जेली डालें और इन दोनों को अच्छे से मिलाएं। इसे नाईट क्रीम की तरह रोज़ाना रात में अपने होंठों पर लगाएं तथा चमकदार होंठ पाएं।

अरंडी का तेल(Castor oil)

यह एक जाना माना तथ्य है कि तेल में होंठों को मॉइस्चराइस करने के गुण होते हैं, पर एसेंशियल ऑयल्स में और भी खूबियां होती हैं। निरंतर रूप से एसेंशियल ऑयल्स का प्रयोग करने से होंठों का काला रंग निखरता है। होंठों पर कास्टर आयल या अन्य किसी भी एसेंशियल आयल का प्रयोग करें और उन्हें नरम और गुलाबी बनाएं।

बर्फ के टुकड़े (Ice cubes)

होंठों की मृत कोशिकाओं को नरम करने तथा उन्हें हटाने के लिए बर्फ के टुकड़ों का प्रयोग सबसे अच्छा होता है। बर्फ का एक टुकड़ा लें और इसे कुछ सेकण्ड्स तक अपने होंठों पर रगड़ें। इसका प्रयोग रोज़ाना कम से कम एक बार करें और फर्क महसूस करें।

बादाम का तेल (Almond oil)

होंठों पर रोज़ाना दो से तीन बार बादाम का तेल लगाएं। इससे वे अच्छे से मॉइस्चराइस होंगे तथा आपके होंठों में मौजूद कालापन भी कम हो जाएगा।

रास्पबेरीज़ (Raspberries)

होंठों के रंग को प्राकृतिक रूप से बदलने के लिए आप रास्पबेरी का भी प्रयोग कर सकते हैं। एक या दो रास्पबेरीज़ लें और इन्हें पीसकर इनका एक पेस्ट बनाएं। अब इसमें एक चम्मच एलो वेरा का रस डालें और अच्छे से मिलाएं। इस मिश्रण को कांच के एक बोतल में जमा करें और जब भी आपका मन करे तो इसका प्रयोग करें। आप एलो वेरा के रस की जगह इस मिश्रण में शहद का प्रयोग भी आराम से कर सकते हैं।

गुलाब (Rose)

गुलाब में तीन ऐसे गुण होते हैं जो इसे अन्य फूलों से अलग बनाती है – ठंडक देने का गुण, नमी प्रदान करने का गुण तथा सुकून देने का गुण। जब आप इसका प्रयोग करते हैं तो इससे आपके होंठ बिलकु=ल गुलाब की तरह लाल हो जाते हैं।

 

सामग्री (Ingredients)

  • गुलाबजल
  • शहद

विधि (Method)

शहद की कुछ बूँदें लें तथा इन्हें गुलाबजल की एक बूँद के साथ मिश्रित करें। इस मिश्रण को अपने होंठों पर लगाएं। कुछ दिनों के प्रयोग के बाद ही आपको अच्छे परिणाम दिखने लगेंगे।

जैतून का तेल (Olive oil)

जैतून के तेल में आपके होंठों को नमी देने तथा पोषण प्रदान करने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्व होते हैं, जिनकी मदद से इसके प्रयोग के बाद आप अपने होंठों को सुन्दर तथा आकर्षक बना सकते हैं। इसके अलावा ये काफी नरम और खूबसूरत भी दिखने लगते हैं।

सामग्री (Ingredients)

  • 1 1 /2 चम्मच चीनी
  • जैतून के तेल की कुछ बूँदें

विधि (Method)

जैतून के तेल की कुछ बूंदों तथा 1 1 /2 चम्मच चीनी को आपस में मिश्रित करें। अब इस मिश्रण को धीरे धीरे अपने होंठों पर स्क्रब (scrub) करें। इस घरेलू विधि का हफ्ते में एक बार प्रयोग करने से आपके होंठों को एक से दो महीने में उनका प्राकृतिक रंग वापस प्राप्त हो जाएगा।

अनार (Pomegranate)

अनार डार्क लिप को ठीक करने का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। यह सूखे होंठों को नमी प्रदान करके उन्हें पोषण देता है तथा उनका प्राकृतिक रंग भी बरकरार रखता है।

सामग्री (Ingredients)

  • थोड़ी सी दूध की मलाई
  • थोड़ा सा गुलाबजल
  • अनार के 1 चम्मच पिसे हुए दाने

विधि (Method)

थोड़ा सा गुलाबजल, थोड़ी सी मलाई और अनार के एक चम्मच पिसे हुए दाने को आपस में अच्छे से मिलाएं। इस मिश्रण को अपने होंठों पर लगाकर उन्हें धीरे धीरे स्क्रब (scrub) करें। इस विधि का प्रयोग हर रोज़ एक बार अवश्य करें।

खीरे का रस (Cucumber juice)

खीरे में त्वचा को गोरा करने के गुण होते हैं, अतः यह आपके काले होंठों को भी उजला करने की क्षमता रखता है। सिर्फ खीरे के रस को अपने होंठों पर धीरे धीरे लगाएं। इस घरेलू विधि का प्रयोग हर दिन पांच मिनट तक करें।

जायफल और हल्दी (Nutmeg and turmeric)

जायफल में एंटी ऑक्सीडेंट्स (antioxidants) होते हैं जो होंठों को उजला करते हैं, जबकि हल्दी से आपके जले हुए और क्षतिग्रस्त होंठ काफी प्रभावी रूप से ठीक होते हैं।

सामग्री (Ingredients)

  • 50 ग्राम सूखे हल्दी की जड़
  • 50 ग्राम जायफल
  • शुद्ध घी या गाय से प्राप्त घी
  • 1 लीटर दूध

विधि (Method)

एक पात्र में थोड़ा सा दूध गर्म करें तथा इसके मुंह को एक साफ़ कपड़े से बाँध लें। अब जायफल को कुछ टुकड़ों में तोड़ें। इन टुकड़ों को इस ढके हुए कपड़े के ऊपर रखें। दूध के उबाल के स्तर तक पहुँच जाने पर आंच को धीमा कर दें। इसे धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट तक उबालें। इस समय दूध से निकलती हुई भाप जायफल में मिश्रित होती रहती है। अब जायफल के टुकड़ों को हटा दें और इन्हें सूखने दें। इसके बाद हल्दी की जड़ों तथा जायफल के टुकड़ों को पीसकर इसका पाउडर बना लें। इन दोनों को अच्छे से मिश्रित करें। एक पेस्ट (paste) बनाने के लिए इस मिश्रण में घी डालें तथा प्रभावित भागों पर लगाएं। इस घरेलू विधि का प्रयोग तब तक करें जब तक कि आपको इसका असर ना दिखने लगे।

मुल्तानी मिट्टी (Fuller’s Earth)

मुल्तानी मिट्टी आपकी त्वचा को साफ़ करके इसे गोरा बनाती है। यह आपकी त्वचा में मौजूद मृत कोशिकाओं को बाहर निकालकर चेहरे के रोमछिद्र (pores) खोलने का कार्य भी करती है।

सामग्री (Ingredients)

  • थोड़ा सा शहद
  • मुल्तानी मिट्टी

विधि (Method)

शहद और मुल्तानी मिट्टी का मिश्रण करके एक पेस्ट (paste) बनाएं। इसे प्रभावित भागों पर लगाएं तथा 1 से 2 मिनट तक धीरे धीरे मसाज (massage) करें। इसे 5 से 10 मिनट तक सूखने दें और थोड़े से पानी की मदद से इसे धो लें। इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार या तब तक दोहराएं जब तक आपको परिणाम दिखने शुरू ना हो जाएं।

बेकिंग सोडा और पानी (Baking soda and water)

पानी में थोड़ी सी मात्रा में बेकिंग सोडा मिलाएं। इस पेस्ट को अपने होंठों पर धीरे धीरे गोलाकार मुद्रा में लगाएं। अंत में अपने होंठों पर थोड़ा सा जैतून या सरसों का तेल लगाएं। बेकिंग सोडा एक बार फिर से आपके होंठों को उजला बना देगा। इसके अलावा इसके एक प्राकृतिक रगड़ने की वस्तु (abrasive) होने के कारण यह आपके होंठों को फिर से नरम बना देगा।.

Papaya Health benefits – Papaya Beauty benefits – पपीते के स्वास्थ्य तथा सौंदर्य फायदे

पपीता एक नारंगी रंग का फल है जो काफी स्वादिष्ट होता है। इसमें काफी मात्रा में पोषक पदार्थ, विटामिन्स (vitamins) तथा कम मात्रा में कैलोरीज़ (calories) भी होती हैं। पपीता के औषधीय गुण, पपीते में पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम और सोडियम (potassium, iron, magnesium and sodium) जैसे खनिज होते हैं जो भोजन को पचाने में आपकी सहायता करते हैं। पपीता का रस, पपीते में करीब 5 ग्राम चीनी, कम वसा और सामान्य मात्रा में फाइबर (fiber) मौजूद होता है। अमेरिका और मेक्सिको (United States and Mexico) पपीते के सबसे बड़े उत्पादक देश हैं। पपीता के औषधीय गुण के कई स्वास्थ्य और सौंदर्य लाभ होते हैं।

papaya

पपीते के स्वास्थ्य गुण (Health benefits of papaya)

पपीता खाने के फायदे – वज़न घटाने में सहायक (Weight loss)

पपीते में फाइबर, कम वसा और कम कैलोरीज़ होती हैं जो हमारे शरीर से फैट (fat) को कम करने में काफी बड़ी भूमिका निभाती हैं। पपीता खाने के फायदे, पपीते के सेवन से पाचन प्रणाली साफ होती है तथा हाज़मा सही होने में मदद मिलती है। पपीता खाने का सही समय खाली पेट होता हैं।

पपीता के लाभ – प्रतिरोधक प्रणाली (Immune system)

पपीते में ऐसे विटामिन उपलब्ध होते हैं जो आपके शरीर के लिए काफी आवश्यक हैं। इससे आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में काफी इज़ाफ़ा होता है। पपीता का उपयोग, यह आपके शरीर की शक्ति बढ़ाने तथा प्रतिरोधक क्षमता को स्वस्थ बनाने तथा इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए काफी आवश्यक है।

पपीता के लाभ – कोलन कैंसर (Colon cancer)

पपीते का फल एंटी ऑक्सीडेंट्स (anti-oxidants) से भरपूर होता है। यह एक एंटी एजेंट (anti-agent) की तरह काम करता है तथा कैंसर की कोशिकाओं (cancer cells) से लड़कर कैंसर के खतरे से बचाता है। इसके अलावा पपीते में मौजूद पोषक पदार्थ कोलन कैंसर की कोशिकाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं। पपीता का उपयोग, पपीते में मौजूद लाइकोपिन (lycopene) आपको प्रोस्टेट कैंसर (prostate cancer) के खतरे से भी बचाता है।

पपीते के सौंदर्य गुण (Beauty benefits)

पपीता के फायदे – त्वचा की देखभाल (Skin care)

पपीते में ऐसे कई पोषक पदार्थ होते हैं जो त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। इसमें ऐसे विटामिन्स भी मौजूद होते हैं पपीता का रस, जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को निकालने में सहायता करते हैं।

  • पपीते का प्रयोग त्वचा को नमी प्रदान करने के लिए (skin moisturizer) किया जाता है।
  • पपीते का फेस पैक (Papaya face pack) त्वचा की टोन (tone) में प्राकृतिक रूप से निखार ले आता है।
  • पपीते का फेस पैक चेहरे पर चमक लाता है।
  • पपीते का फेस पैक चेहरे से मुहांसों के दागों को पूरी तरह से हटाने में मदद करता है।
  • पपीते के फेस पैक से आपकी त्वचा नरम और मुलायम हो जाती है।
  • पपीते के गूदे का प्रयोग चेहरे के काले धब्बों को दूर करने के लिए किया जाता है।

पपीता के फायदे – बालों की देखभाल (Hair care)

पपीते में ऐसे पोषक पदार्थ होते हैं जो बालों को बढ़ाने तथा उन्हें प्रभावी रूप से पोषण देने में काफी ज़्यादा सहायक सिद्ध होते हैं।

  • पपीता के गुण, पपीते का हेयर पैक बालों में मौजूद डैंड्रफ (dandruff) को नियंत्रित करने में सहायता करता है।
  • पपीता के गुण, पपीते का हेयर पैक आपके बालों को काफी मज़बूत और स्वस्थ बनाता है।
  • पपीते के पत्तों का प्रयोग आप बालों के मास्क (hair mask) के रूप में कर सकते हैं। यह बालों के लिए कंडीशनर (conditioner) का काम करता है।
  • पपीते का हेयर पैक आपको गंजेपन से मुक्ति दिलाने में सहायता करता है।

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